नीतीश ने तख्त साहिब से ‘जागृति यात्रा’ को किया रवाना

पटना| गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश उत्सव को लेकर जनजागृति पैदा करने के उद्देश्य से गुरुवार को यहां पटना साहिब के तख्त श्री हरिमंदिर जी परिसर से ‘जागृति यात्रा’ निकाली गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘जागृति यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को जनवरी 2017 में आयोजित गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश उत्सव में भाग लेने के लिए प्रेरणा देना है। यह जागृति यात्रा पूरे देश का भ्रमण कर 20 नवंबर को वापस तख्त श्री हरिमंदिर लौटेगी। जागृति यात्रा में पांच वाहनों का काफिला है, जिस पर गुरु गोविंद सिंह के द्वारा हस्तलिखित गुरुग्रंथ साहिब की बीड़, गुरु महाराज के दो तीर, चक्र और छोटी कृपाण को शामिल किया गया है।

nitish-kumar

हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री थोड़ी देर के लिए इस यात्रा में शामिल भी हुए। जागृति रथ की रवानगी से पूर्व तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में संक्षिप्त कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें तख्त श्री हरिमंदिर जी के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह समेत गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सभी वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम आयोजन के प्रति अपनी शुभकामनाएं दीं। रथ को रवाना करने से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरु महाराज के दरबार में मत्था टेका। इस मौके पर प्रबंधक कमिटी ने उन्हें उपहार स्वरूप सरोपा भेंट किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल मनाए जानेवाले गुरु गोविंद सिंह महाराज का 350वां प्रकाश उत्सव और महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का शताब्दी समारोह बिहार के लिए गौरव की बात है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लिए यह गौरव की बात है कि दसवें गुरु साहिब का जन्म पटना की ऐतिहासिक धरती पर हुआ। इस बार उनकी 350वीं जयंती के कार्यक्रम में भाग लेने का सुअवसर सबको मिल रहा है।उन्होंने कहा, “यह आयोजन भव्य होगा और इसमें दुनिया भर के सिख श्रद्धालुओं सहित लाखों लोग मौजूद रहेंगे। सरकार इस आयोजन को बेहतर ढंग से कराने के लिए हर संभव उपाय कर रही है।”

जागृति यात्रा के जरिए लोगों के गुरु गोविंद सिंह जी की जीवनी और उनकी शिक्षाओं के साथ 350वें आयोजन के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। यह यात्रा सबसे पहले झारखंड पहुंचेगी और उसके बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों में जाएगी।