नीतीश के सुशासन के खिलाफ उनके ही लोग धरने पर

मोतिहारी। सुशासन बाबू के लिए अब सूबे में उनके ही पार्टी के दो पूर्व विधायक उनके कामों को सवाल के घेरे में डालकर अचानक धरने पर बैठ गये हैं। पार्टी में हो रहे भ्रष्ट्राचार को लेकर ये पूर्व विधायक थाने पर ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गये हैं। लगातार एक तरफ नीतीश विकास और भ्रष्ट्राचार से लड़ने की बात कह रहे हैं, लेकिन जब सवाल उनके ही दल से उठे तो ये विषय सोचनीय हो गया है।

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सुशासन के शासन में अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालिया निशान लगाते हुए केसरिया के पूर्व विधायक मो.ओबैदुल्लाह और कल्याणपुर की पूर्व विधायक रजिया खातुन धरने पर बैठ गये हैं। इनका आरोप है कि लगातार एसडीओ,एमओ एवं डीलरों की मिलीभगत से गरीबों के राशन की कालाबाजारी की जा रही है। लेकिन सुशासन के नाम पर सत्ता में आई हमारी सरकार चुप है। शराबबंदी को लेकर नीतीश बाबू देशभर में प्रचार कर रहे हैं लेकिन कल्याणपुर इलाके में खुलेआम इसका मखौल उड़ाया जा रहा है। थाने में खुद पुलिसकरमी शराब पी रहे हैं। बीडीओ, सीओ, थानेदार व सीडीपीओ सबके सब भ्रष्टाचार में लिप्त हैं लेकिन सरकार चुप्पी साधे है।

नीतीश कुमार जिस सात निश्चय के लक्ष्य को लेकर अपनी सुशासन की सरकार चला रहे है, उस सुशासन की सरकार में ही बैठे कुछ लोगों के इशारे पर अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। जिससे गरीब जनता बेहाल हो रही है। ये वही लोग है जो नीतीश कुमार के सुशासन योजना से खुश नहीं है और उनके सात निश्चय को पूरा धरातल पर नहीं उतरने देना चाहते। इसलिए सरकार की आंखे खोलने के लिए हम धरने पर बैठे हैं।