गढ्ढों से एक्सप्रेस वे तक सीएम अखिलेश का सफरनामा

लखनऊ। अब प्रदेश में विधान सभा चुनावों के आगाज में चंद माह बचे है। साल 2012 में सूबे की सत्ता पर समाजवादी सरकार के मुखिया के तौर पर अखिलेश जैसे युवा के हाथ में कमान आई थी। किसी ने सोचा भी ना था कि 4 सालों से सूबे की रंगत ही बदल जायेगी। ये बात वाकई में सच भी है। इस बात को विरोधी भी बड़ी बेवाकी के साथ कभी-कभी कह जाते हैं। अखिलेश की सोच और काम करने की क्षमता ने जनता का ऐसा दिल जीता है कि जनता विकास का नाम ही अखिलेश से जोड़ने लगी है।

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कैसे थे सत्ता के हालात
साल 2012 के आम चुनावों में सपा को बहुमत के साथ प्रदेश की जनता ने सत्ता का सिंघसान दिया था। अलग-अलग मुख्यमंत्री पद के कयास लगाये जा रहे थे। ऐसे में सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह ने अपने बेटे की ताजपोशी उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री के तौर पर की। अखिलेश ने जब सत्ता की बागडोर संभाली तो प्रदेश पूर्ववर्ती सरकार के एनआरएचएम और पार्कों के घोटाले के साथ जनता के धन के साथ हुए खिलवाड़ से जूझ रहा था। प्रदेश में जनता की सुविधाओं के साथ पानी सूखा बिजली जैसे समस्याओं का अम्बार लगा था। प्रदेश का राजस्व बिलकुल चौपट पड़ा था। ऐसे से सीमित संसाधनों से सीएम अखिलेश से अलग-थलग पड़े प्रदेश पर विकास के लिए खाका खींचना शुरू किया।

विकास के लिए रात दिन किया एक
प्रदेश की दयनीय हालत पर सीएम अखिलेश ने अधिकारियों के साथ एक साधी नीति के साथ विचार विमर्श करना शुरू किया। प्रदेश के विकास के पथ पर लाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं का ग्राफ तैयार करने को कहा। प्रदेश के गरीब पिछड़ों और उपेक्षित वर्गों को चिन्हित करने को कहा। प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत को सुधारने के लिए कुशल अधिकारियों के हाथों में कमान देना शुरू किया। इसके साथ ही लगातार रात दिन अधिकारियों से बैठक कर जनता को आधारभूत सुविधाओं से रूबरू कराने के लिए अथक प्रयास शुरू किये।

कठिन निर्णय के लिए अखिलेश को जनता ने किया सलाम
पार्टी हो या प्रदेश की विकास की बात अखिलेश यादव को कई बार बतौर सीएम कुछ ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े जिसके लिए पार्टी में कई बार साथ के मंत्रियों औऱ परिवार के लोगों के साथ अखिलेश का कटराव होता रहा। लेकिन इन सब से इतर अखिलेश लगातार जनता की सेवा के लिए अपने फैसलों पर कायम रहे। सूरज पूरब की जगह पश्चिम से उगा पर अखिलेश का फैसला जनता के लिए सदैव कायम रहा।

घोषणा पत्र को लिया पूरा
अखिलेश सरकार सत्ता ने आने के पहले 2012 आम चुनावों में प्रदेश की जनता के साथ जिस वादे को लेकर उतरी थी । उसे सत्ता की प्राप्ति के बाद पूरा करने के लिए उतर गई। अपने घोषणा पत्र में चाहे कन्याधन हो लैपटॉप हो पेशन हो आवास हो हर एक वादे को प्रदेश के हर जिले में आयोजन कर पूरा किया। लोगों के ये दिखाया कि समाजवादी सरकार वादे करती ही नहीं, बल्कि पूरा करना भी जानती है। ये सब सीएम अखिलेश के कुशल नेतृत्व की देना था। जो समय रहते सब कुछ कुशलता के साथ पूरा हो गया।

प्रदेश को दी सौगात
2012 से सत्ता में आने के बाद सीएम अखिलेश ने लगातार प्रदेश में एक के बाद एक विकास की इबारत गढ़ना शुरू कर दिया था। इसके लिए अधिकारियों के साथ सीएम अखिलेश ने अपने कुशल नेतृत्व के साथ जो खाका खींचा उसमें प्रदेश में विकास की एक बड़ी आधार शिला रखी है। 2012 से सत्ता में आई अखिलेश के नेतृत्व की समाजवादी सरकार ने कई जनता के लिए योजनाओं की शुरूआत की । इसमें से कुछ योजनाओं की एक झलक हम आपको दिखाते है।

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