सत्ता जाते ही दूरी बनाने लगे कांग्रेस के सिपाही

कांग्रेस के हाथ से सत्ता फिसलते ही उसके सिपाही पार्टी से दूरी बनाने लगे है। मंगलौर व झबरेड़ा क्षेत्र के दो दिग्गजों ने तो कांग्रेस को अलविदा ही कहने की तैयारी कर ली है। राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने को दोनों ही नेता अब फिर से पुराने घर बसपा में लौटने के प्रयास में हैं। इसे लेकर दोनों ने पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से भी दूरी बनाए रखी। हालांकि सत्ता में रहते दोनों की ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से काफी नजदीकियां रहीं, लेकिन हालात बदलते ही नजदीकियां दूरियों में बदलती दिखाई दे रही हैं।

कहते हैं राजनीति में न तो कोई अतीत होता है और न ही भविष्य, जो वर्तमान है वही सत्य है। शायद यही कारण है कि क्षेत्र के कुछ नेता अपना वजूद तलाशने के लिए कांग्रेस से किनारा कर अन्य दलों की शरण में पहुंचने का प्रयास कर रहे है। सूत्रों की माने तो क्षेत्र के दो दिग्गज अपने पुराने घर में अर्थात बसपा में जाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रहे है।