भारत-नेपाल सैनिकों ने एक साथ लिया आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण

देहरादून। पहाड़ों के बीच कई दिनों से अभ्य़ास कर भारत और नेपाल की सेना ने एक साथ आतंकवाद विरोधी प्रशिक्ष लिया। रविवार को सैन्य अभ्यास के आखिरी दिन दोनों देशों के सैनिकों द्वारा दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त साझा प्रशिक्षण लिया।

युद्धभ्यास के अंतर्गत दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों ने 17 से 19 मार्च 2017 तक 48 घंटों के लिए खुले दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों का प्रशिक्षण लिया। इसके तहत एक कंपनी ऑपरेटिंग बेस स्थापित किया गया। जिनमें रोड ओपनिंग, मोबाईल व्हिकल चेक पोस्ट, कॉन्वॉय प्रोटेक्शन तथा त्वरित कार्रवाई टीम के माध्यम से अभ्यास किये गए।

इस दौरान दोनों देशों की सैन्य टुकडिय़ों ने ‘मॉक विलेज’ में घेराबंदी एवं खोज अभियान चलाया तथा हेलिकॉप्टर द्वारा जवानों को संचलित किया गया। दोंनों सैन्य टुकड़ियों के विषेशज्ञ जवानों द्वारा हेलिकॉप्टर के माध्यम से घरों को खाली कराना, कमरों की सुरक्षा एवं बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया।

इस युद्धाभ्यास का समापन समारोह 20 मार्च 2017 को आयोजित किया जाएगा। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान नेपाल सेना की ओर से फार वेस्टर्न डिविजन के जीओसी मेजर जनरल दीपक प्रसाद भारती एवं ब्रिगेडियर जनरल पदम बहादुर आंग्बो तथा भारतीय सेना की ओर से उत्तर भारत एरिया के जीओसी ले. जनरल ललित कुमार पाण्डेय एवं पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर राकेश कुमार मनोचा सहित वरिष्ठ सैन्यधिकारी मौजूद रहे।

दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों द्वारा इस सफ ल एवं कौशलपरक युद्धाभ्यास की अतिथियों द्वारा सराहना की गई। यह सफल युद्धाभ्यास न केवल दोनों सेनाओं के लिए युद्ध कौशल को बढ़ाने में कारगर सिद्ध होगा बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने में भी सहायक साबित हो सकता है।