टेस्ट के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना बड़ी चुनौती : कुंबले

बेंगलुरु|आधिकारिक तौर पर भारतीय टीम के मुख्य कोच का पदभार संभालने के बाद पहली बार संवाददाताओं से मुखातिब हुए अनिल कुंबले ने बुधवार को कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती टीम में टेस्ट खिलाड़ियों को तैयार करना है। कुंबले ने कहा उनका ध्यान अभी टेस्ट क्रिकेट पर है। भारत को इस सत्र में कुल 17 टेस्ट मैच खेलने हैं।

 

Anil Kumble

कुंबले ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमें खिलाड़ियों की सोच बदलने की जरूरत है क्योंकि उन्होंने हाल में कई टी-20 मैच खेले हैं। खेल के लंबे प्रारूप के लिए उन्हें तैयार करना मेरे लिए बड़ी चुनौती होगी।”

टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों को मैदान तक लाना भारतीय टीम की जिम्मेदारी है, इस बात को स्वीकार करते हुए कुंबले ने कहा कि वह इसके लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

कुंबले ने कहा, “अगले महीने होने वाला वेस्टइंडीज दौरा खिलाड़ियों के लिए अच्छी चुनौती है और मुझे भरोसा है कि वे यह श्रृंखला अपने नाम करेंगे। हम इसके लिए तैयार हैं और चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला की तैयारी कर रहे हैं। वहां की पिचें 1980 की तरह तेज न होकर भारत की तरह ही होंगी।”

कुंबले ने इस बात को माना की वेस्टइंडीज की टीम सीमित ओवरों की शानदार टीम है, लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि उन्हें भरोसा है कि भारतीय टीम उसे हरा देगी।

कुंबले ने कहा, “वर्तमान टीम में सिर्फ चार खिलाड़ी ही ऐसे हैं जिन्होंने वेस्टइंडीज में टेस्ट क्रिकेट खेली है। कुछ खिलाड़ियों ने भारत-ए टीम के साथ वेस्टइंडीज का दौरा किया था। टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो जीत दिला सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “पिछली बार जब भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज में श्रृंखला जीती तब ईशांत शर्मा प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए थे। इस बार गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी उन पर होगी। मुरली विजय ने भी उस दौरे पर अच्छा प्रदर्शन किया था। विराट कोहली (कप्तान) इस दौरे पर मुख्य खिलाड़ी होंगे। लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था। इसलिए हम आश्वस्त हैं।”

भारतीय टीम ने बुधवार को यहां छह दिवसीय अभ्यास शिविर की शुरुआत की, हालांकि बारिश ने इसमें खलल डाला और खिलाड़ियों को पहले दिन अभ्यास नहीं करने दिया।

कुंबले ने कहा, “हम ज्यादा से ज्यादा मैदान पर नेट अभ्यास करना चाहते हैं। अगर मौसम ने साथ दिया तो हम तीन जुलाई को शहर के दक्षिण में स्थित अलुर मैदान पर खिलाड़ियों को मैच जैसी स्थिति प्रदान करेंगे।”

कुंबले ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि उनका ध्यान तेज गेंदबाजों पर भी होगा क्योंकि भारत के पास इस समय तेज गेंदबाजी कोच नहीं है।

पूर्व टेस्ट कप्तान ने कहा, “तेज गेंदबाजी कोच का होना महत्वपूर्ण है, लेकिन इस समय ऐसा नहीं हो सकता की हम तेज गेंदबाजी कोच की नियुक्ति कर उन्हें वेस्टइंडीज ले जाएं। मैं इस क्षेत्र में जो कर सकता हूं, करूंगा।”

बारिश के कारण शिविर का पहला दिन कुंबले और खिलाड़ियों के बीच मेलजोल में गुजरा। एक कोच के तौर पर भारतीय ड्रेसिंग रूम में वापसी कर रहे कुंबले ने कहा कि वह टीम के खिलाड़ियों द्वारा किए गए स्वागत से काफी खुश हैं।

उन्होंने कहा, “मैं स्वागत से अभिभूत हूं। मैंने महेंद्र सिंह धौनी से उनके जिम्बाब्वे से लौटने के बाद फोन पर बात की और साथ ही कोहली से भी चर्चा की। मैं दो कप्तानों के साथ काम करने को तैयार हूं।”

कुंबले ने कहा, “क्रिकेट में कप्तान मास्टर होता है और कोच पीछे से काम करता है। मैं इस बात की कोशिश करूंगा कि यह प्रक्रिया भारतीय टीम में बनी रहे। मैं हमेशा पीछे से रहकर कप्तान का साथ दूंगा। हम हारें या जीतें, मेरा काम खिलाड़ियों के अंदर लड़ने के जज्बे को पैदा करना है।”

कुंबले इस युवा टीम को अपने अनुभव से निखारने की कोशिश करेंगे।

कुंबले ने कहा, “मैं जिस समय खेलता था, तब की टीम में और अभी की टीम में बड़ा अंतर है। इस टीम की औसत आयु 24 से 25 साल है। यह टीम काफी प्रतिभाशाली है, खासकर फील्डिंग में। मेरी कोशिश होगी वह हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करे।”

(आईएएनएस)